198 Views

*अगर….??*
✍️ २४८४

*विनोदकुमार महाजन*
———————————-
अगर….
केवल एक ही मत के आधार पर
कोई….
सर्वोच्च सत्तास्थान हडपता है ❓ तो ? इसे लोकतंत्र कैसे कहेंगे ⁉

इतना ही नहीं तो….
बहुसंख्यक समाज को नेस्तनाबूद करने के लिए एक भयंकर षड्यंत्र करके …
ठीक ऐसे ही अत्याचारी कानून बनाता है तो ??

क्या यह सचमुच में लोकतंत्र ही है ?
और ? अनेक सालों तक ऐसे कानून पिढी दरपिढी चलाये जाते है तो…?
क्या यह लोकतंत्र की हत्या ही नहीं है ?

अगर हाँ तो …? ऐसे अत्याचारी कानून बहुसंख्यक समाज क्यों स्विकारेगा ? और कितने दिनों तक स्विकारेगा ?
ऐसी भयंकर समस्या का जालिम इलाज अथवा अंतिम हल भी कोई होगा या नहीं ?

ऐसे अत्याचारी कानून तो एक ही सेकंद में समंदर में फेंक देने चाहिए !

और…?
बहुसंख्यक समाज के साथ संपूर्ण समाज के हितों के कानून तुरंत अमल में लाने ही चाहिए !

मगर ऐसा करेगा कौन ?
या क्रांति का बिगुल ही ऐसी जटिल समस्या का उत्तर रहेगा ?

मगर इसमें भी एक भयंकर जटिल समस्या यह है की ,
निद्रिस्त , लालची और ? भयभीत समाज को नवचेतना कौन देगा ? कब देगा ?

हर बार ईश्वर के न्याय के आधार पर बैठकर और निश्क्रिय होकर ,समय बिताते रहने से…
भयंकर हानि हो सकती है !

*भूतकाल यही दर्शाता है !*

तो आज ऐसी भयावह और विनाशकारी जटिल समस्याओं का केवल और केवल एक ही इलाज है ?

मोदिजी और योगीजी के पिछे अपनी संपूर्ण शक्ति खडी कर देना ?

*जी हाँ !!*

इसके साथ ही समाज जागृती अभियान भी तेज करना होगा !
और चेतना शून्य सामाजिक रचना तथा मरी हुई सामाजिक चेतना जागृती अभियान भी तेज करना होगा !

मोदिजी और योगीजी मुझे ,
इस विषय में संपूर्ण सहयोग कर सकेंगे तो …?

मैं अपेक्षित परीणाम और यश को खींचकर लाने की क्षमता रखता हूं !

इसी कार्य की पुर्ती के लिए , क्रांतिकारी कार्यकर्ताओं की जबरदस्त तेजस्वी फौज का निर्माण और इसके लिए अपेक्षित धन की आपूर्ति की तुरंत और सख्त जरूरत होगी !

*क्रांति का बिगुल तो*
*बज ही चुका है !*

*जरूरत है…*
अस्वस्थ समाज मन के शक्ति को
अपेक्षीत परिणामों में बदलना !

दस दिशाओं से यथायोग्य रणनीति….
*असंभव को संभव में बदल* *देगी !*

जरूरत है *तीव्र इच्छाशक्ति की* और संपूर्ण समर्पित भाव से….
*सहयोग करनेवालों की !*

क्यि समय भी उसी दिशा की ओर तेजीसे आगे बढ रहा है !?

*संपूर्ण क्रांति…*
क्या सचमुच में राष्ट्रीय क्रांति तथा वैश्विक क्रांति अटल है !!?

युगपरिवर्तन की घडी चल रही है ये !

ईश्वरी इच्छा से ही सबकुछ घटित हो रहा है तो…??

*इसे कौन रोक सकेगा ?*
परदे के पिछे से ईश्वर ही सुत्र संचलन कर रहा है तो…?
भयंकर अत्याचारी लोगों का अंत भी निश्चित है ???

*और नजदीक भी ?*

उत्तर आप सभी से अपेक्षित है !

*हर हर महादेव !!!*

👆❓⁉👍🙏🕉🚩

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!