गद्दारों को ठोको
_धर्म मे बंटा हुआ देश,_ _जाति में बंटा हुआ समाज,_ _और…_ _भाइयों में बांटा हुआ परिवार,_ _सदैव पीड़ित रहता है…
_धर्म मे बंटा हुआ देश,_ _जाति में बंटा हुआ समाज,_ _और…_ _भाइयों में बांटा हुआ परिवार,_ _सदैव पीड़ित रहता है…
फर्जी लोगों को ढूंढना पडेगा ! ✍️ २२५२ विनोदकुमार महाजन ***************** हम हिंदु…!! बडे दयालु , सहिष्णु ,परोपकारी ,क्षमाशील !…
भूलभूलैय्या ! ✍️ २२५० विनोदकुमार महाजन ***************** दुनिया और दुनियादारी बडी विचित्र होती है ! बडी अजीब ! उपरी दिखावा,…
सुखी होने का उपाय ? ✍️ २२३० विनोदकुमार महाजन —————————— सुखी होने का सबसे बेहतरीन उपाय कौनसा है ? ह्रदयशून्य…
बहुसंख्यक हिंदुओं के देश में रहकर,हिंदुओं से नफरत क्यों ? ✍️ २२२७ विनोदकुमार महाजन 😡😡😡😡😡😡😡 यह देश बहुसंख्यक हिंदुओं का…
शांतीदूत ? नहीं ये है मृत्युदूत ?? ✍️ २२२६ विनोदकुमार महाजन ××××××××××××××× किसी को शांतीदूत कहने से पहले यह लेख…
सत्य को निगलने नहीं देंगे !! ✍️ २२२० विनोदकुमार महाजन 👍👍👍👍👍 अगर कोई तुम्हे निगलने के लिए आ रहा है…तो…
एक सुंदर उद्बोधक कथा ! ✍️ २२०८ संकलन : – विनोदकुमार महाजन 🌹🌹🌹💐💐 पै पै जमवून धन संग्रह करणारांनी ही…
अजब की दुनियादारी है दोस्त, ना जीने देगी, ना मरने देगी !!! ✍️ २१८६ विनोदकुमार महाजन ——————————– दुनियादारी ! मनुष्यों…
रामजी को काल्पनिक कहनेवाले, जाहिलों का साथ ? ✍️ २१८४ विनोदकुमार महाजन ——————————– हमारे आदर्श देवता, श्रीराम ! जिसका हमारे…
साधुसंतों के देश में, अब ऐसा नहीं चलेगा !!! ✍️ २१७८ विनोदकुमार महाजन 🚩🚩🚩🚩🚩 साधुसंतों के इस देश में, कुछ…
हिंदु : – एक वास्तव ! ✍️ २१७५ विनोदकुमार महाजन ——————————– हिंदु ! निद्रीस्त समाज !!! क्या अनेक महापुरुषों की…
पागलों के गुलाम ! ✍️ २१७३ विनोदकुमार महाजन —————————— पागलों के गुलाम ! कौन ? अनेक भारतीय ! कैसे ?…
हिंदु बोर्ड ! ✍️ २१७२ विनोदकुमार महाजन 🚩🚩🚩🚩🚩 देश के और संपूर्ण विश्व के हिंदुओं के कल्याण के लिए तथा…
शूद्र विचारवालों से दोस्ती मत किजिए ! ✍️ २१६९ विनोदकुमार महाजन —————————- शूद्र ! यह शब्द आज जोरों पर प्रचलित…
नतदृष्टों का सामना ! ✍️ २१६७ विनोदकुमार महाजन मोदिजी, आप किसीको कितना भी फ्री में चाहे जीवनभर के लिए राशन…
अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य 🤦♂️ ✍️ २१६३ विनोदकुमार महाजन ——————————- देश में अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य किसको है ? जेएनयू वालों को है !…
हिंदुस्थान में आखिर डर क्यों लगता है ? ✍️ २१४७ ——————————- एक बात सचमुच में मेरे समझ में नहीं आती…
हेराफेरी और पैसा ( लेखांक : – २१३१ ) विनोदकुमार महाजन ✍️ —————————– पैसा…. बहुत बडी चिज है ! भले…
प्रेस नोट सेवा में, महोदय / महोदया, विषय :- राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की रक्षा हेतु राजनीति सुधार आंदोलन द्वारा…
दुनियादारी !!! जब नशीब अच्छा होता है, तब सब अच्छे होते है ! मगर जब नशीब बुरा चल रहा होता…
कू ऐप पर @विनोदकुमार_महाजन के दिलचस्प विचार सुनें https://www.kooapp.com/profile/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%5F%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8 कू ऐप डाउनलोड करें https://www.kooapp.com/dnld उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री संन्माननीय, श्री.योगी…
मी शेतकरी शेतात राबतच राहिलो…. ( एक ग्रामीण कविता ) शब्दरचना : – विनोदकुमार महाजन डोईवर फाटकी टोपी गाठी मारलेलं…
महापुरूषों का संघर्ष मय जीवन !!! हर महापुरुषों का भव्यदिव्य,प्रेरणादायक,यशस्वी,उत्तुंग जीवन सभी को दिखता है। मगर ऐसे महान पदतक पहुंचने…
विपत्तियों के भयंकर क्षण में हिंदु एक दुसरे की सहायता करता है…?या भाग जाता है…?या हिंदु ही सच्चे हिंदुओं को…
मेरे पास समय नही है…!!! ( लेखांक : – २०५३ ) विनोदकुमार महाजन ———————————- मेरा कारोबार,बिजनेस, व्यावसाय, धंधा ,नोकरी का…
सभी हिंदू संगठनों को आवाहन !!! सभी हिंदुओं को अब अपना धधगता ईश्वरी तेज जागृत करना पडेगा, और अन्याय के…
हिंदू हिंदुत्व से सचमुच में दूर गया है… ??? ( ले : – २०३० ) विनोदकुमार महाजन ——————————– मुस्लिम समाज,…
एक ही हथियार… संपूर्ण बहिष्कार…. कैसे ??? ( लेख विस्तार से पढेंगे…तो…? जानेंगे….👇👇👇 ) लेखांक : – २०२१ विनोदकुमार महाजन…
सज्जनों की संगत स्वर्ग समान होती है,और दुर्जनों की संगत नरकसमान !!! लेखांक : – २०२० विनोदकुमार महाजन ———————————- साथींयों,…
सरकार सख्त कानून कब बनायेगी ??? खुलेआम हिंदु देवीदेवताओं का मजाक उडाया जा रहा है ! खुलेआम हत्या का सत्र…
फिर हिंदु सो जायेंगे ! —————————— चार दिन का माहौल चलेगा देश में विरोध होता रहेगा व्हाटसअप फेसबुक की लडाई…
समय खराब है ऐसा रोना मत रोईये। तुम्हारा भी समय एक दिन जरूर आयेगा। विश्वास रखिए खुद पर। दुनिया हिलाने…
*कलयुग की दुनिया है साहब..!!* *कदर उसकी नही होती* *जो सच मे रिश्ता निभाता है* *कदर उसकी होती है* *जो…
नौटंकी करके दूसरों को फँसाने से बेहतर है, कठोर शब्दों द्वारा स्पष्ट वक्ता बनकर असलीयत समझाना… किसी की नफरत करने…