204 Views

अवधूत चींतन श्री गुरूदेव दत्त
सद्गुरु आण्णा की कृपा से,जीर्णशीर्ण सुखे हुए,औदुम्बर वृक्ष को नितनई , बहार आ गई…फल,फूलों से बहार हो गई…जीवन में अत्यानंद की बहार आ गई…जीवशीव का मिलन हो गया
हिंदुत्व ही हमें सिखाता है विश्वबंधुत्व : – विनोदकुमार महाजन

अवधूत चींतन श्री गुरूदेव दत्त
सद्गुरु आण्णा की कृपा से,जीर्णशीर्ण सुखे हुए,औदुम्बर वृक्ष को नितनई , बहार आ गई…फल,फूलों से बहार हो गई…जीवन में अत्यानंद की बहार आ गई…जीवशीव का मिलन हो गया