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धर्म रक्षा सूत्र !!

अधर्मी शत्रू अगर
बलवान है तो कृष्णनिती
से ही मारा जाता है !

जैसे को तैसा !
छल – बल का उत्तर
छल – बल से !

चाणक्य भी यही निती पर चलकर विजयी हुए !
और महान राजा छत्रपति शिवाजी महाराज भी !!

।। षठ् प्रति षाठ्यम् ।।

।। अहिंसा परमो धर्म :।।
।। धर्म हिंसा तदैवच ।।

जानो और जागो !
सोचो ,समझो !
मानवी देह व्यर्थ ना गंवाओ !
धर्म और धर्म कार्य के लिए
समर्पित हो जाओ !
दूसरों को भी जगाओ !

जय श्रीकृष्णा
हरी ओम्
🙏🙏🙏🕉🚩

विनोदकुमार महाजन

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