7 Views
*तुम क्या सनातन को* *मिटाओगे ओ* *बाबू…??*
✍️ 2862
*विनोदकुमार जापानी*
🌞🌞🕉️🚩
*बबू…ओ बाबू…*
सनातन धर्म को बड़ी बड़ी भाषा में नष्ट करने वाला? बड़बोले बाबू… सनातन धर्म को डेंगू, मलेरिया बोलता है… मगर…
तू भी एक मच्छर है तो है ना…?
डेंगू मलेरिया फैलाने वाला एक छोटा सा मच्छर…
हिंदू समाज को बुरा देखने वाला एक… मच्छर…?
वैसा तो संभवतः ? *यह* मच्छर… मच्छरों की प्रजाती में थोड़ा बादाम मच्छर हो सकता है…?
कुछ दिन पहले इस मच्छर के पिता तमिलनाडु के *मुख्यमंत्री* और मुख्यमंत्री का यह बेटा क्यों था..? इतनी अशोभनीय भाषा का प्रयोग क्या है? वह भी सभागृह में ??
आज वह मुख्यमंत्री *माँजी* बन गयीं…
सनातनियों की संपूर्ण कृपा से ही और ? सनातनियों के मोटो से…ही ?
मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाला और ? मुख्यमंत्री बन गया…
मशीन…का बेटा?
आज सनातन को गल दे रहा है?
मगर एक बात याद रखें…आजतक
सनातन को स्थापित करने वाली भाषा पूरी तरह से धूमिल हो गई है!
और यह उदय…? चुनाव से पहले भी और चुनाव के बाद भी?
सनातन धर्म की बड़ी बड़ी भाषा का प्रयोग करना चाहिए?
और ?
*परिणाम ?* ऐसे आये की…?
वहां के सनातनियों ने ही उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया!
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का बेटा…उदयन…
स्टालिन…?
समझे ना?
*छोटासा मच्छर ??*
कुछ दिन पहले, ऐसी ही एक *मछराईन?*
पश्चिम बंगाल की…?
गुप्त महाकाव्य,
सनातन धर्म को उखाड क्रांतिकारी कहा जाता था…?
*परिणाम ?*
अपने आप का तंबू उखड गया ???
सनातनियों ने एक बार फिर उन्हें सत्ता से ही हटा दिया…!
और आज ? यह बांग्लादेशी राजदूत प्रेमी है?
” *हुबा हुंबा…टूबा* *टूबा…लंबा वजन…”* ऐसा ही कुछ अनिर्बंध बड़बड़ाने लगी है…पागलों जैसा…?
तो ? थे ? तमिलनाडू के सनातनियों को नक्षत्रों की भाषा बोलने वाला, नक्सली मच्छरों का भी एक दिन यही हाल होगा…!
जी… स्टैलिन…
एक दिन तेरा भी बिल्कुल ऐसा ही हाल होगा!
हिन्दू जब जागता है तो क्यों? इतिहास रचना है !
उदय…?
बहुसांख्यक सनातनी बौद्धों के देश में ही… सनातन धर्म समाप्त होने की बोल भाषा है?
तू…? तो…? तीसरा जल्दी हो रहा है
*हुबा हुम्बा…तुबा टुबा…*वाला है !
अब तेरा यही हाल होगा !
जो जहर तूने आज बोया है, वही जहर तूने एक दिन ख़तम करके ही रहेगा!
दुर्देव से तमिलनाडू का बहुभाषी हिंदू समाज आज अज्ञान है…मगर एक बार ऐसा भी आएगा की? वहाँ का सनातनी हिन्दू अवश्य जागेगा !
आज भी वह अंदर से जगने की पूरी कोशिश कर रही है!
एक शक्तिशाली सरकारी पर्याय ढूंढ रही है! जो उसे न्यायप्रियता दे!
मगर दुर्देव से आज ?उसे सही छुट्टी पर जाने वाला ? सही मार्गदर्शक नहीं मिल रहा है !
मगर फ्यूचर में ऐसा शक्तिशाली मार्गदर्शक भी जरूर मिलेंगे… और ? शायद यह दिन भी दूर नहीं दिखता!
सनातन धर्म क्यों समाप्त हो गया की कौन सी भाषा उदयन ने बोली है…? वही एक भाषा दिन तमिलनाडु के सनातनी धर्म के अंदर की जागेगी…!
तमिलनाडु सरकार एक तो पहले से ही बहुत गंभीर आर्थिक मुद्दों के दौर से गुजर रही है!
इसिलिए मुख्यमंत्री विजय अपने दिए गए वादे भी? शायद ?
नहीं खेला !
तब…? जनता यथार्थ पर अवश्य विचार करें !
और ऐसे में ? उसे जगने का उचित अवसर भी मिलेगा !
तमिलनाडु के 80 प्रतिशत सनातनी जब सौ प्रतिशत जागेंगे तो?
के नकली लोग वहां क्या स्थित होंगे?
वहां के सनातनियों को आज सख्त जरूरत है हिंदी से जोडकर, उनके भीतर का ईश्वरीय तेज और अविश्वासी जगाकर, लोहिया राष्ट्रीय प्रवाह में शामिल करने की!
अन्ना मलाई ने वहां पर ऐसा भरपूर प्रयास भी किया था ! मगर और भी जादा प्रयास की और ? जादा जोर लगाने की राष्ट्रवादी शक्तियों को आज सख्त जरूरत है !
शायद हजारो अन्ना मलाई निर्माण होने की जरूरत होगी !
सनातन धर्म वास्तव में एक आदर्श जीवन पध्दती है… *भूतदया* *सिखानेवाली… वसुधैव* *कुटुंबकम्*
बतानेवाली एक आदर्श जीवन पध्दती ? मतलब ? सत्य सनातन धर्म है…!
जो संपूर्ण सजीवों का कल्याण चाहती है…जो संपूर्ण सृष्टीचक्र में सहाय्यक और आधारभूत सिद्ध होती है…!
जो ? सभी सजीवों सहित , सभी जीव जंतुओं पर भी प्रेम करना सिखाती है !
जो स्वयं ईश्वर निर्मित है…!
और इसिलिए…
*आजतक…*
सनातन धर्म को उखाड फेंकने का सपना देखने वाले अनेक हैवान इस पवित्र धरती पर आये और ?
जमीनदोस्त हो गये…
संपूर्णतः उध्वस्त , नेस्तनाबूत हो गये !
*इतिहास साक्षी है…जी हाँ !*
तो तू कौनसा मच्छर होता है…? मंदबुद्धी…उदयन…? बालक ? मच्छर…?
सनातन धर्म को मिटाने वाला ?
तुझे अज्ञानता के कारण , यह भी पता नहीं है शायद..
*संपूर्ण ब्रम्हांड ही* *सनातन है* …
*ईश्वर निर्मित सुर्य , चंद्र* , *धरती भी* *सनातन है…*
*सनातन मतलब ?*
*अविनाशी…*
जिसका कभी भी अंत ही नहीं होनेवाला है…
*यही सनातन है…*
और सनातन की कृपा से ही उदयन तेरी सत्ता के कुर्सी का उदय भी हुवा है… क्योंकी यह संपूर्ण देश भी सनातनीयों का है…!
ईश्वर निर्मित संपूर्ण ब्रम्हांड मतलब ?
सनातन…
तो तू अल्पबुध्दी य:कश्चीत मानव सनातन को क्या समझेगा और क्या मिटायेगा…??
उल्लू दिन में बाहर नहीं निकलते है…रात में बाहर आते है… क्योंकी उनके दृष्टी में दोष होता है…!
ठीक ऐसे ही तुझे सनातन के बारे में दृष्टी दोष हुवा है…!
इसिलिए… ऐसे संपूर्ण विश्व में फैले हुए सनातनीयों का अपमान करनेवाले, अनर्गल विधान कर रहा है…!
उदयन…? तेरी श्वास भी चल रही है ना ? वह भी ईश्वर निर्मित है !
सत्य सनातन का रखवाला ईश्वर निर्मित…!
*जी हाँ !*
और ? तेरी श्वास कब ? कहाॅं ? कैसे चली जायेगी…? यह भी तुझे पता नहीं है…
मगर सनातन निर्माता , ईश्वर को जरूर पता है !
जबतक तेरी श्वास चलती रहेगी ? तबतक ऐसी भाषा बोलता रहेगा…तू… ?
और श्वास रूकते ही… सबकुछ खतम्…??
इसिलिए प्यारे उदयन ऐसी अनावश्यक भाषा का प्रयोग मत करना…!
क्योंकी सनातन अजरामर है और तू ?
मृत्यू लोक में रहता है…!
इसिलिए ईश्वर निर्मित सनातन धर्म को मिटाने की , हटाने की भाषा मत बोल…!
नहीं तो पूरी दुनिया तुझे एक पागल कहेगी…!
*विनाशकाले विपरीत* *बुद्धी:…*
सनातन धर्म सभी पर प्रेम करना सिखाता है , इसिलिए तो ? तू भी सनातनीयों के देश में भी बडे प्रेम से और आनंद से रह सकता है…!
क्योंकी सनातन धर्म सहिष्णुता सिखाता है….!
फिर भी इस देश में कुछ लोगों को सनातन धर्म के बारे में विनावजह इतनी आपत्ती क्यों है ? उनके अंदर इतना जहर क्यों भरा पडा है ?
यह सचमुच में समझ में नहीं आता है !
एक आदर्श संस्कृत ने अपना अंत क्या बिगाडा है?
और…?
कानून इनपर तत्काल और कठोर निर्णय क्यों नहीं ले सकता? और भेदभाव वाले खिलाड़ियों को कठोर कठोरता क्यों नहीं मिलती है? इस देश में कुछ भी नहीं रहता है अनप शनाप?
विशेषतः हिन्दू धर्म को स्वीकार करना ?
*क्या यही लोकतंत्र है?*
तो क्या अब पूरे देश में ऐसे ही सामाजिक जहर फैलाने वालों के लिए हर जगह…
एफ.आय.आर.दर्ज करना होगा?
ता की आगे कोई ऐसा ज़हर उगलने की कोशिश भी ना करें?
और सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति यह भी है, वहां के मुख्यमंत्री अब ऐसे क्रांतिकारी शक्तियों के बारे में क्या निर्णय लेते हैं…?
आज की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बात यह भी है… संपूर्ण विश्व में और विश्व पटल पर ईश्वर द्वारा निर्मित सत्य सनातन धर्म का *उदय* बहुत तेजी से
हो रहा है… और ?
तमिलनाडू का ( *मूर्ख* ? ) *उदय*
सनातन धर्म को ? डेंगू मलेरिया बोल रहा है…?
जो खुद ही एक डेंगू मलेरिया का विषाणु फैलाने वाला एक मच्छर ही है!
जिसपर तत्काल राष्ट्रवादी द्वारा कठोर कारवाई की आवश्यकता है!
इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है: – तमिलनाडु के सनातनियों ने कुछ गैर जिम्मेदार व्यक्तियों ने अपनी सत्ता के निजी स्वार्थ के लिए, कई दशकों से…हिंदी, अल्पसंख्यक और राष्ट्रीयता से जनबुझकर दूर रखा है…जकड़कर ने रखा है, जिसमें केंद्र सरकार को अब तत्काल हस्तक्षेप करके वहां के बहुसंख्यक हिंदू समाज को ऐसे चांगूल से और राजनीतिक दल से बाहर निकलने की, वैध कारवाई अनिर्वार्य है, जिसका कारण वहां से है। का हिंदू समाज खुला श्वास भी ले मित्रता और वास्तविकता जान मित्रता और जाग भी मित्रता!
*जय सिताराम…*
🚩🚩🚩🌞

