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हमने धरती पर जन्म क्यों लिया ??
✍️ २३४८

विनोदकुमार महाजन
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साथीयों ,
क्या हमारा जन्म और मृत्यु हमारे हाथ में है ?
बिल्कुल भी नहीं है !

तो मानव जन्म में व्यर्थ का घमंड , अहंकार क्यों ?
और अज्ञानता वश मानवी देह का दुरूपयोग क्यों ? और कितने दिनों तक ?
सोचो !!

तो हमारे मनुष्य जन्म का ईश्वरी उद्देश्य ही क्या है ?
खुद को पहचानना !
खुद ईश्वर स्वरूप हो जाना !
और ईश्वर का कार्य आजीवन करते रहना !
ईश्वर निर्मित सत्य सनातन के कार्यों में खुद को झोंक देना !

मगर हम वास्तव में क्या करते है ?
खाना ,पीना ,चार पैसे कमाना , घर बनवाना , बिवी बच्चों में ही जीवन व्यर्थ गँवाना ?

ऐसा नहीं है मित्रों !
ईश्वर निर्मित सत्य सनातन की रक्षा करना , उसका प्रचार – प्रसार करना ,सत्य सनातन धर्म की महती सभी को बताना यही मनुष्य जीवन का ईश्वरी प्रायोजन है !

तो सचमुच में ” तुने ” ऐसा कार्य किया ? या व्यर्थ ही जीवन गँवाया ?

इसिलिए , चल उठ बंदे ,
आज से और अभी से ,
सत्य सनातन धर्म की रक्षा के लिए , उसके संवर्धन के लिए ,जीवन में ठोस कदम उठा रे बंदे !

सनातन क्या है ?
सनातन ही अंतिम सत्य है !
सनातन ही ब्रम्हांड में , संपूर्ण सृष्टि में ,संपूर्ण चराचर में व्याप्त है ! सभी पशुपक्षीयों में ,सभी सजीव – निर्जीवों में ,साकार – निराकार में सनातन व्याप्त है !
सनातन धर्म ही वैदिक हिंदु धर्म है !

” वसुधैव कुटुम्बकम ” भी सनातन ही सिखाता है !
इसिलिए ईश्वर निर्मित संपूर्ण मानव समूह भी सनातन ही है !

इसीलिए अज्ञानरूपी जीवों को ,ज्ञान का प्रकाश देकर , हरेक की आत्मचेतना जगाकर ,
सभी को सनातन का महत्व बताकर ,विश्व व्यापक ,ब्रम्हांड में स्थित सनातन का कार्य हम सभी तेजी से आगे बढाते है !

गली ,गांव ,शहरों में – देश ,विदेशों में सनातन संस्कृति का डंका बजाते है !
भगवान के भगवे की शान संपूर्ण विश्व में बढाते है !

विश्व स्वधर्म सुर्ये पाहो का महत्व सभी को बताते है !
धरती पर ईश्वरी राज्य की पुनर्स्थापना करते है !

आओ सब मिलकर चलें !
कंधे से कंधा मिलाते चलें !
कदम कदम आगे बढाते चलें !
भारत को विश्व गुरु बनाते चलें !

ज्योत से ज्योत बढाते रहो !
सनातन की गंगा बहाते चलों !!

वैदिक सनातन हिंदु धर्म की त्रिवार जयजयकार हो !!

सनातन का महान ईश्वरी कार्य करने के लिए ही हमने धरती पर जनम लिया है रे बंदे !
चलो उठो , कार्यरत बनते है !

इसिलिए तो तुने धरती पर जनम लिया है !
जनम व्यर्थ ना गँवा रे मानव !

कसम महादेव की खाते है
सत्य सनातन धर्म का झंडा विश्व में लहराते है !

जय जय श्रीराम !
हर हर महादेव !
हरी ओम् !

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