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जब हमारे सच्चे मन की
और सच्चे प्रेम की कीमत ,
हमारे शब्दों की कीमत
शून्य होती है तब वह सारे
रिश्तेनाते और मित्रपरिवार
सदा के लिए , एक ही झटके
में , बिना समय गवांएं , तुरंत
छोड देना ही बेहतर होता है !
विनोदकुमार महाजन
हिंदुत्व ही हमें सिखाता है विश्वबंधुत्व : – विनोदकुमार महाजन

जब हमारे सच्चे मन की
और सच्चे प्रेम की कीमत ,
हमारे शब्दों की कीमत
शून्य होती है तब वह सारे
रिश्तेनाते और मित्रपरिवार
सदा के लिए , एक ही झटके
में , बिना समय गवांएं , तुरंत
छोड देना ही बेहतर होता है !
विनोदकुमार महाजन