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हिंदुओं का दुर्दैव ?
✍️ २४१२

🤔🤔🤔🤔🤔🙊

हमारे…
” हिंदुस्थान में ”
जब दूसरे धर्म के लोग
उनका धर्म कार्य बढाने
लगते है
उनका कार्य तेजीसे
चमकने लगता है
तब उनके ही सभी लोग
उनका संपूर्ण सहयोग
करते है ! और ( शायद ? )
उनको विदेशों से
फंडिंग भी होती है…?

इतना ही नहीं तो ?
हमारे भी लोग उनको ऐसे कार्यों में संपूर्ण सहयोग भी करते है ?और प्रेम भी करते है ?
उदाहरण ? मदर तेरेसा ?

मगर हमारा कोई हिंदु भाई
अगर तन – मन – धन से और
संपूर्ण समर्पित भाव से अथवा
कभी कभी अनेक आर्थिक मुसिबतों का सामना करते करते , अथवा खुद के प्राणों की
पर्वा भी किए बगैर
हिंदुत्व का कार्य आगे
बढाने की लगातार कोशिश
करते रहते है… तब ? ( शायद ? )
उन्हें… फंडिंग मिलनी तो दूर
हमारे ही लोगों द्वारा
बारबार उन्हे हतोत्साहित ,
अपमानीत करने की कोशिश
की जाती है…प्रोत्साहित
करने के बजाए ?
उल्टा कट्टर हिंदुत्ववादियों के खिलाफ भयंकर षड्यंत्र रचाये जाते है ? उन्हें ही बदनाम करते है ? उन्हें संपूर्णता नेस्तनाबूद और बरबाद करने का प्रयास भी हमारे ही लोगों द्वारा किया जाता है ?
उनके ही विरुद्ध विनाशकारी जाल बिछाते है ?

हमारे ही हिंदु ??
हमारे ही भाई ??

ऐसा क्यों ?
स्वार्थ और मतलब की भी कोई हद होती है !
सत्ता और संपत्ति के लालची क्रूर जयचंद ?

यह कैसा न्याय है ?
यह कैसा दुर्देव है हमारे ही
हिंदुओं का ?

हिंदुत्व की आन – बान – शान
बढाने के लिए तथा तेज गती से
हिंदुत्व का कार्य संपूर्ण देश में बढाने के लिए ?
हिंदु…
एकसंध और शक्तिशाली
कब बनाने के ईश्वरी कार्यों में हिंदुही अनेक बाधाएं डालता रहता है ? क्यों ?

मोदिजी ,योगीजी जैसे तेजस्वी
महापुरूष…
हिंदुत्व जगाने का लगातार प्रयास तो कर ही रहे है !

मगर कुछ ( ? ) हिंदुद्रोही
हिंदुही ऐसे ईश्वरी कार्यों में बाधाएं डाल रहे है…
तो ऐसे विघ्नसंतोषी , जयचंदों का अंतिम इलाज भी क्या है ?
जालिम इलाज ??
ढूंडना ही होगा !!

जय श्रीराम !

विनोदकुमार महाजन

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