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*मंत्रोपचार*
( यशस्वी जीवन के लिए ! )
✍️ २७२५

*विनोदकुमार महाजन*

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अध्यात्म …
सनातन हिंदू धर्म का आत्मा है !
जो अध्यात्म संपूर्ण मानव समुह , सजीव सृष्टी तथा विश्व कल्याण के लिये, एक अद्भुत ईश्वरी वरदान है !

जिसमें अनेक असंभव कार्यों को संभव में बदलने की दिव्य तथा चमत्कारी शक्तियों का और सभी के अखंड कल्याण का भंडार है !

वैदिक सनातन हिंदू संस्कृती में हर समस्याओं का समाधान भी है और सुखी जीवन का विस्तृत विवेचन भी है !

अध्यात्म से साधारण मनुष्य भी यशस्वीता की नई नई उडाने भर सकता है और जीवन में अनेक ऊंचाईयों तक पहुंच सकता है !

नर का नारायण और नारी की नारायणी बनने की सर्वश्रेष्ठ क्षमता इसी सनातन संस्कृती में है !
और वैश्विक कल्याण के लिए , संपूर्ण जीवन समर्पित कर सकता है !

इसिलिए वैदीक सनातन हिंदू संस्कृती विश्व में महान है !

ईश्वर निर्मित अध्यात्म में….मंत्रोपचार का विधी है , यह भी सभी मनुष्य प्राणीयों के लिये , सुखी जीवन के लिये , दिर्घायुष्य , आरोग्य प्राप्ती , ऐश्वर्यप्राप्ती , यशप्राप्ती , सुख , समाधान , शांती के लिए नवसंजीवनी देनेवाला एक आश्चर्यकारक अमृत कुंभ है !

इसका खुद अनुभव करना जरूरी होता है !

मंत्रों में जबरदस्त शक्ति होती है जो मनुष्य जीवन का संपूर्ण प्रवाह ही बदल देती है !

जो चाहिए वह सबकुछ प्राप्त करने की अद्भूत शक्ती मंत्रों में होती है !

मगर मंत्र जाप के लिये , मंत्र शुध्द होना चाहिए और मंत्र देनेवाला व्यक्ती भी सामर्थ्यशाली होना चाहिए !
तभी मंत्र फलीत होता है !

गलत मंत्र और गलत साधनाएं तथा मंत्र देनेवाला गलत व्यक्ती होगा तो , धन पैसों के लालच में , अथवा स्वार्थ मोह दंभ में मंत्र देनेवाले व्यक्ती का मंत्र फलित नही होता है !

इसिलिए मंत्र देनेवाला व्यक्ती भी तपस्वी होना चाहिए तभी सभी साधनाएं फलद्रूप होती है !

मंत्र साधना से हम हमारा संपूर्ण जीवन ही आश्चर्यजनक तरीकों से बदल सकते है , इसका मैं खुद सप्रमाण उदाहरण हूं !

मुझे मंत्र देनेवाले मेरे दादाजी , मेरे आण्णा ने अनेक सालों तक गुप्त साधनाएं तथा कठोर तपश्चर्या की थी !

शिष्य को पहचानने की शक्ती गुरू में चाहिए , अन्यथा गलत शिष्य को मंत्र अथवा साधनाएं दी तो वह शिष्य गुरूद्रोह कर सकता है !

इसिलिए गुरु भी शिष्य को परखकर ही मंत्र दिक्षा देते है !

इसिलिए मेरे जो भी मंत्र है ,
साधारणतः गुरू कृपा से ही सिध्द किए हुए है !

इसीलिए विश्व कल्याण हेतू निरपेक्ष भाव से मैं किसीको मंत्र देकर , उसके द्वारा यथोचित मार्ग से मंत्र जाप होता है तो निश्चित ही उसका जीवन और भाग्य दोनों बदल सकते है !

इसमेँ श्रध्दा , विश्वास और समर्पण महत्वपूर्ण होता है !

कोई गलत उद्देश से प्रेरित होकर मंत्र दीक्षा माँगेगा तो उसे मंत्र देना भी गलत है !

कोई दस करोड देकर यह कहेगा की मुझे मंत्र दो , तो भी मंत्र नहीं देना चाहिए !

मंत्र चिकित्सा का उपयोग,
किसी असाध्य बिमारी में विजय प्राप्त करने के लिये , मंत्रोपचार प्रभावी उपाय है !

चौतरफा यशप्राप्ती , आरोग्य , ऐश्वर्यप्राप्ती , शत्रुपिडा से बचने के लिए ,
मंत्रों का प्रभाव होता है !

अनेक देवीदेवताओं के होम हवन भी हमेशा फलदायी साबीत होते है !

गलत मंत्रोच्चार द्वारा दी गई आहुतीयाँ हवन में फलदायी नहीं होती है !

इसके साथ ही मैग्नटो थेरपी , आयुर्वेद , प्राणायाम भी जीवन में अनेक प्रकार की बिमारीयों में फलदायी होती है !

जीवन की दशा और दिशा बदलने की संपूर्ण क्षमता मंत्रों में होती है !

यह कोई अंधविश्वास , भ्रम अथवा गलत प्रचार नहीं है !

बल्की मंत्रों के चमत्कारों के अनेक प्रमाण भी है !

संपूर्ण विश्व का कौनसा भी डाँक्टर किसी बिमार व्यक्ती को आरोग्य संपन्न बनाने में शायद असमर्थ होगा तब भी मंत्रोपचार प्रभावी तरीकों से
उस बिमारीयों को जड से मिटा सकते है !

यह कोई चमत्कार नहीं है बल्की मंत्रों का प्रभाव और परिणाम है !

इसिलिए साथीयों
खुद के साथ साथ
हमारे देश की भी दशा और संपूर्ण दिशा बदलने के लिए भी….
सामुहिक साधनाएं , सामुहिक होमहवन तत्काल होना जरूरी है !

और भ्रमित समाज को योग्य मार्गदर्शन तथा दिशा देने के लिए…
गुरूकुल महत्वपूर्ण होते है !

इसिलिए मेरे राष्ट्रीय तथा वैश्विक महाक्रांती अभियान में…
मेरा यही संकल्प है की….

देश के कोने कोने में और विश्व के कोने कोने में गुरूकुल आरंभ करना !

तथा गौलोक से आनेवाली हमारी गौमाताओं के लिए हर जगहों पर गौशाला आरंभ करना !

तभी विश्व कल्याण भी जरूर होगा और सनातन मय विश्व भी बनेगा !

और मैं मेरे ईश्वरीय कार्यों में यशस्वी होकर ही रहुंगा !

गुरु का वरदहस्त कभी खाली नहीं जाता है !

सृष्टि को हरदिन नई उर्जा ,नवसंजीवनी देनेवाले ,
दृश्य ईश्वर…

*सुर्यनारायण भगवान की* *जय….*
( इसिलिए तो हमारे गाँव में और हमारे परिवार में ,सदीयों से साक्षात सुर्यनारायण भगवान आकर बैठे है ! )

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*आगे बढो…*

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