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कभी राम बनके ,कभी शाम बनके
✍️ २२९३
विनोदकुमार महाजन
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कभी राम बनके
कभी शाम बनके
समय के अनुसार
अनेक रंग रूप
धारण करके…?
रंग रूप बदलके…
अधर्मीयों को मिटाना है !?
धर्म राज्य धरती पर
लाना है !!
सत्ययुग के लिए
हम सबको आगे बढना है !
विष्णुजी के सभी रंग
रूपों की
पूजा करते करते
आगे बढते रहना है !
नया युग बनाना है !
नितदिन हम सबको…
हम सभी राम और
शाम के भक्तों को…
आगे आगे बढते ही
रहना है !
हर दिन कार्य सफलता
की ओर बढना है !
आओ सब मिलकर
साथ चलें
कंधे से कंधा मिलाकर
चलें
नया रास्ता अपनाते चलें !
धर्म की जीत की ओर चलें !
ज्योत से ज्योत जगाते चलें !
भगवान राम और कृष्ण के
सिध्दातों को आगे आगे
बढाते चलें !
नवयुग निर्माण की ओर
बढते चलें !
हर कदम कामयाबी की ओर
बढाते चलें !
हरी ओम्
👍👍👍
सौजन्य : – ए.जैन
